सत्य प्रेम के जो हैं रूप उन्हीं से छाँव.. उन्हीं से धुप. Powered by Blogger.
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तुझी से हर ख़ुशी जिंदा है ए दिल!,
तुझी से जिंदगी दुश्वार भी है, 
तुझी से मैं बहुत बेज़ार भी हूँ,
तुझी से मुझको लेकिन प्यार भी है

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