सत्य प्रेम के जो हैं रूप उन्हीं से छाँव.. उन्हीं से धुप. Powered by Blogger.
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MERA CHAND

मेरे चाँद हो आप  
बाते ढेरो करती हु आप से 
भूल जाती हु अक्सर कितने दूर हो मुझ से 
चाँद को पाने  की 
कोशिस  जारी रहेगा 
यकीन है मुझे एक दिन ये चाँद 
मेरी झोली में आकर  गिरेगा :)

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